आज का पंचांग: तिथि, नक्षत्र और शुभ मुहूर्त का महत्व

क्या आप जानना चाहते हैं कि आज का दिन आपके लिए कितना शुभ है? आज का पंचांग (दैनिक पंचांग) आपको दैनिक जीवन के सभी महत्वपूर्ण ज्योतिषीय पहलुओं की जानकारी देता है। यह हिंदू कैलेंडर हमें तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण जैसी पांच प्रमुख चीजों के बारे में बताता है, जिससे हम अपने धार्मिक, सामाजिक और व्यक्तिगत कार्यों के लिए सबसे शुभ समय का चुनाव कर सकें।

गुरुवार, जुलाई 16, 2026

आज का पंचांग

तिथि
प्रतिपदा - 11:53:40 तक
नक्षत्र
पुष्य - 21:47:53 तक
करण
बव - 11:53:40 तक, बालव - 22:21:00 तक
पक्ष
शुक्ल
योग
हर्शण - 08:04:35 तक, वज्र - जुलाई 16, 2026

को 04:30:30 बजे

"28:30:30 तक
वार
बुधवार

सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ

सूर्योदय
05:32:47
सूर्यास्त
19:20:55
चन्द्र राशि
कर्क
चन्द्रोदय
06:15:00
चन्द्रास्त
20:22:00
ऋतु
वर्षा

हिन्दू मास एवं वर्ष

शक सम्वत
1948   पराभव
विक्रम सम्वत
2083
काली सम्वत
5127
प्रविष्टे / गत्ते
31
मास पूर्णिमांत
आषाढ
मास अमांत
आषाढ
दिन काल
13:48:08

अशुभ समय (अशुभ मुहूर्त)

दुष्टमुहूर्त
11:59:15 से 12:54:27 तक
कुलिक
11:59:15 से 12:54:27 तक
कंटक
17:30:30 से 18:25:43 तक
राहु काल
12:26:51 से 14:10:22 तक
कालवेला / अर्द्धयाम
06:27:59 से 07:23:12 तक
यमघण्ट
08:18:24 से 09:13:37 तक
यमगण्ड
07:16:18 से 08:59:49 तक
गुलिक काल
10:43:20 से 12:26:51 तक

शुभ समय (शुभ मुहूर्त)

अभिजीत
कोई नहीं

दिशा शूल

दिशा शूल
उत्तर

चन्द्रबल और ताराबल

ताराबल
अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद, रेवती
चन्द्रबल
वृषभ, कर्क, कन्या, तुला, मकर, कुम्भ
ग्रह राशि रेखांश नक्षत्र पद
सूर्य मिथुन 28-20-09 पुनर्वसु 3
चंद्र कर्क 06-39-50 पुष्य 1
मंगल वृषभ 17-10-07 रोहिणी 3
बुध मिथुन 25-15-29 पुनर्वसु 2
गुरू कर्क 08-56-30 पुष्य 2
शुक्र सिंह 11-37-19 मधा 4
शनि मीन 20-22-57 रेवती 2
राहु कुंभ 07-36-36 शतभिषा 1
केतु सिंह 07-36-36 मधा 3
यूरे वृषभ 10-10-10 रोहिणी 1
नेप मीन 10-06-33 उ0भाद्रपद 3
प्लू मकर 10-07-58 श्रवण 1

आज का ज्योतिषीय विचार

“हर ग्रह का प्रभाव आपके कर्म से जुड़ा है।”

— ज्योतिष शास्त्र

हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य को शुरू करने से पहले पंचांग देखना एक प्राचीन परंपरा है। यह न सिर्फ एक कैलेंडर है, बल्कि ज्योतिषीय गणनाओं का एक संग्रह है जो हमें समय की प्रकृति और ऊर्जा के बारे में बताता है। पंचांग शब्द पांच अंगों से मिलकर बना है, जो समय के पांच प्रमुख घटकों का प्रतिनिधित्व करते हैं।


पंचांग के पांच मुख्य अंग

पंचांग में मुख्य रूप से इन पांच घटकों का विस्तृत विवरण होता है:


दैनिक जीवन में पंचांग का महत्व

पंचांग का उपयोग सिर्फ धार्मिक कार्यों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे दैनिक जीवन में भी बहुत उपयोगी है।

आज के डिजिटल युग में, आप आसानी से ऑनलाइन आज का पंचांग देख सकते हैं और अपने दिन की योजना ग्रहों की स्थिति के अनुसार बना सकते हैं।