आज का पंचांग: तिथि, नक्षत्र और शुभ मुहूर्त का महत्व

क्या आप जानना चाहते हैं कि आज का दिन आपके लिए कितना शुभ है? आज का पंचांग (दैनिक पंचांग) आपको दैनिक जीवन के सभी महत्वपूर्ण ज्योतिषीय पहलुओं की जानकारी देता है। यह हिंदू कैलेंडर हमें तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण जैसी पांच प्रमुख चीजों के बारे में बताता है, जिससे हम अपने धार्मिक, सामाजिक और व्यक्तिगत कार्यों के लिए सबसे शुभ समय का चुनाव कर सकें।

रविवार, अगस्त 30, 2026

आज का पंचांग

तिथि
प्रतिपदा - 09:58:54 तक
नक्षत्र
पूर्वाभाद्रपद - अगस्त 30, 2026

को 03:43:05 बजे

"27:43:05 तक
करण
कौलव - 09:58:54 तक, तैतिल - 21:52:29 तक
पक्ष
कृष्ण
योग
सुकर्मा - 06:36:08 तक, धृति - अगस्त 30, 2026

को 05:21:38 बजे

"29:21:38 तक
वार
शनिवार

सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ

सूर्योदय
05:57:15
सूर्यास्त
18:46:36
चन्द्र राशि
कुम्भ - 21:38:24 तक
चन्द्रोदय
19:22:59
चन्द्रास्त
06:48:59
ऋतु
शरद

हिन्दू मास एवं वर्ष

शक सम्वत
1948   पराभव
विक्रम सम्वत
2083
काली सम्वत
5127
प्रविष्टे / गत्ते
13
मास पूर्णिमांत
भाद्रपद
मास अमांत
श्रावण
दिन काल
12:49:20

अशुभ समय (अशुभ मुहूर्त)

दुष्टमुहूर्त
05:57:15 से 06:48:33 तक, 06:48:33 से 07:39:50 तक
कुलिक
06:48:33 से 07:39:50 तक
कंटक
11:56:17 से 12:47:34 तक
राहु काल
09:09:36 से 10:45:46 तक
कालवेला / अर्द्धयाम
13:38:51 से 14:30:09 तक
यमघण्ट
15:21:26 से 16:12:43 तक
यमगण्ड
13:58:06 से 15:34:16 तक
गुलिक काल
05:57:15 से 07:33:26 तक

शुभ समय (शुभ मुहूर्त)

अभिजीत
11:56:17 से 12:47:34 तक

दिशा शूल

दिशा शूल
पूर्व

चन्द्रबल और ताराबल

ताराबल
भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद, रेवती
चन्द्रबल
मेष, वृषभ, सिंह, कन्या, धनु, कुम्भ
ग्रह राशि रेखांश नक्षत्र पद
सूर्य सिंह 11-29-15 मधा 4
चंद्र कुंभ 21-28-09 पूर्वाभाद्रपद 1
मंगल मिथुन 17-15-13 आद्र्रा 4
बुध सिंह 12-46-54 मधा 4
गुरू कर्क 18-48-25 आश्लेषा 1
शुक्र कन्या 26-30-22 चित्रा 1
शनि मीन 19-35-11 रेवती 1
राहु कुंभ 05-13-28 धनिष्ठा 4
केतु सिंह 05-13-28 मधा 2
यूरे वृषभ 11-25-35 रोहिणी 1
नेप मीन 09-26-22 उ0भाद्रपद 2
प्लू मकर 09-07-50 उ0षाढा 4

आज का ज्योतिषीय विचार

“ज्योतिष हमें समय का सही उपयोग करना सिखाता है।”

— पंडित सुरेश मिश्र

हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य को शुरू करने से पहले पंचांग देखना एक प्राचीन परंपरा है। यह न सिर्फ एक कैलेंडर है, बल्कि ज्योतिषीय गणनाओं का एक संग्रह है जो हमें समय की प्रकृति और ऊर्जा के बारे में बताता है। पंचांग शब्द पांच अंगों से मिलकर बना है, जो समय के पांच प्रमुख घटकों का प्रतिनिधित्व करते हैं।


पंचांग के पांच मुख्य अंग

पंचांग में मुख्य रूप से इन पांच घटकों का विस्तृत विवरण होता है:


दैनिक जीवन में पंचांग का महत्व

पंचांग का उपयोग सिर्फ धार्मिक कार्यों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे दैनिक जीवन में भी बहुत उपयोगी है।

आज के डिजिटल युग में, आप आसानी से ऑनलाइन आज का पंचांग देख सकते हैं और अपने दिन की योजना ग्रहों की स्थिति के अनुसार बना सकते हैं।